₹300 करोड़ चाहिए थे, जुटा कितना?
जरूरत के ₹300 करोड़ को 300 खानों में देखिए। पहला ₹21,000 का चंदा, नवंबर 2022 का ₹40 लाख, 5 साल का ₹1.5 करोड़ और ट्रस्ट का नया ₹5 करोड़ का लक्ष्य — हर रकम उसी पैमाने पर नापिए।
धन्नीपुर में मस्जिद के लिए मिली 5 एकड़ ज़मीन पर अब तक ईंट नहीं रखी गई। चार इंटरैक्टिव में चंदे की कमी, प्लॉट का पैमाना, फायर NOC वाली 4.10 मीटर की सड़क और 2019 से 2026 तक की कागज़ी लकीर देखिए।
लेखक: देवांशु तिवारी
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जरूरत के ₹300 करोड़ को 300 खानों में देखिए। पहला ₹21,000 का चंदा, नवंबर 2022 का ₹40 लाख, 5 साल का ₹1.5 करोड़ और ट्रस्ट का नया ₹5 करोड़ का लक्ष्य — हर रकम उसी पैमाने पर नापिए।
आवंटित 5 एकड़ के प्लॉट पर 11 एकड़ का प्रोजेक्ट प्लान और इकबाल अंसारी की बताई 1,000 वर्ग फुट की मस्जिद — तीनों क्षेत्रफल एक ही पैमाने पर।
अग्निशमन अधिकारी ने लिंक मार्ग 4.10 मीटर नापा था। स्लाइडर खींचकर उसे NBC-2016 की 12 मीटर वाली शर्त तक ले जाइए और देखिए कमी कितनी है।
फैसले से ग्राउंड रिपोर्ट तक 11 कागज़ी पड़ाव एक पट्टी पर खींचिए — ऊपर की लकीर भरती जाती है, नीचे ज़मीन की पट्टी सात साल खाली रहती है।