एक कश का सफर

कुछ ही सेकेंड में धुआं फेफड़ों की सबसे छोटी थैलियों तक

1/6 · कुछ ही सेकेंड में

कश लेने पर धुआं कुछ ही सेकेंड में रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट से होते हुए लंग्स की सबसे छोटी वायु थैलियों (एल्वियोली) तक पहुंच जाता है।

पड़ाव 1/6, कुछ ही सेकेंड में: कश लेने पर धुआं कुछ ही सेकेंड में रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट से होते हुए लंग्स की सबसे छोटी वायु थैलियों (एल्वियोली) तक पहुंच जाता है।

स्रोत: डॉ. प्रीतपाल कौर, सीनियर कंसल्टेंट, पल्मोनोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली। चित्र प्रतीकात्मक है, पैमाने पर नहीं।