कुछ ही सेकेंड में धुआं फेफड़ों की सबसे छोटी थैलियों तक
1/6 · कुछ ही सेकेंड में
कश लेने पर धुआं कुछ ही सेकेंड में रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट से होते हुए लंग्स की सबसे छोटी वायु थैलियों (एल्वियोली) तक पहुंच जाता है।
2/6 · 7,000 से ज्यादा केमिकल
सिगरेट के धुएं में 7,000 से ज्यादा केमिकल होते हैं। इनमें कई जहरीले और कैंसर पैदा करने वाले तत्व शामिल हैं।
3/6 · टार जमने लगता है
धुएं में मौजूद टार लंग्स की सतह पर जमने लगता है।
4/6 · ऑक्सीजन की जगह कार्बन मोनोऑक्साइड
कार्बन मोनोऑक्साइड ब्लड में पहुंचकर ऑक्सीजन की जगह लेने लगती है। इससे शरीर को कम ऑक्सीजन मिलती है।
5/6 · जलन और सूजन
धुएं के केमिकल्स फेफड़ों के अंदर जलन और सूजन पैदा करते हैं।
6/6 · समय के साथ
फेफड़े खुद को ठीक से साफ नहीं कर पाते, जिससे उनका कामकाज प्रभावित होने लगता है।
पड़ाव 1/6, कुछ ही सेकेंड में: कश लेने पर धुआं कुछ ही सेकेंड में रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट से होते हुए लंग्स की सबसे छोटी वायु थैलियों (एल्वियोली) तक पहुंच जाता है।
स्रोत: डॉ. प्रीतपाल कौर, सीनियर कंसल्टेंट, पल्मोनोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली। चित्र प्रतीकात्मक है, पैमाने पर नहीं।